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Fear of Lizards: आखिर छिपकली को देखकर क्यों घबरा जाते हैं लोग? जानिए दिमाग का वैज्ञानिक कारण

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कई लोग छिपकली को देखकर घबरा जाते हैं, जबकि वह सामान्यतः इंसानों के लिए हानिकारक नहीं होती। जानिए इस डर के पीछे दिमाग और मनोविज्ञान क्या कहता है।

दिल्ली, 20 जुलाई।की दीवार पर अचानक दिखाई देने वाली एक छोटी-सी छिपकली कई लोगों के लिए घबराहट का कारण बन जाती है। खासकर कुछ लोग उसे देखते ही पीछे हट जाते हैं, चीख पड़ते हैं या तुरंत उस जगह से दूर चले जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिक्रिया केवल आदत या वहम नहीं, बल्कि दिमाग की स्वाभाविक कार्यप्रणाली और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया से जुड़ी हो सकती है।

मनोविज्ञान के जानकार बताते हैं कि जब मस्तिष्क किसी वस्तु या जीव को संभावित खतरे के रूप में महसूस करता है, तो दिमाग का एमिग्डाला (Amygdala) नामक हिस्सा सक्रिय हो जाता है। इसके बाद शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन तेजी से बनने लगते हैं, जिससे दिल की धड़कन बढ़ना, तेज सांस आना और घबराहट जैसी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। यही कारण है कि वास्तविक खतरा न होने के बावजूद कई लोगों को छिपकली देखकर डर महसूस होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार कई बार यह डर बचपन के अनुभवों से भी जुड़ा होता है। यदि किसी व्यक्ति ने बचपन में छिपकली से जुड़ा कोई डरावना अनुभव किया हो या परिवार के अन्य सदस्यों को उससे डरते देखा हो, तो वही प्रतिक्रिया धीरे-धीरे उसकी आदत बन सकती है। मनोविज्ञान की भाषा में इसे स्पेसिफिक फोबिया कहा जाता है, जिसमें किसी विशेष वस्तु या स्थिति से सामान्य से अधिक भय महसूस होता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसानी दिमाग उन जीवों के प्रति अधिक सतर्क रहता है जो अचानक तेज़ी से हरकत करते हैं। छिपकली का बिना चेतावनी के तेजी से इधर-उधर दौड़ना, उसकी अलग बनावट और अप्रत्याशित उपस्थिति कई लोगों में भय की भावना पैदा कर सकती है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि सामान्य घरेलू छिपकलियां आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करतीं और अधिकांश परिस्थितियों में नुकसान नहीं पहुंचातीं। यदि किसी व्यक्ति का डर उसकी सामान्य दिनचर्या या मानसिक स्थिति को प्रभावित करने लगे, तो मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

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डर को समझना भी जरूरी

हर डर वास्तविक खतरे से नहीं जुड़ा होता। कई बार हमारा मस्तिष्क पुराने अनुभवों या अचानक बनी प्रतिक्रिया के कारण किसी सामान्य स्थिति को भी खतरे की तरह महसूस करने लगता है। सही जानकारी और समझ ऐसे डर को कम करने में मदद कर सकती है।

Disclaimer: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी प्रकार का फोबिया या मानसिक परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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